Rent Agreement : किरायानामा कैसे बनवाएँ, रेंट एग्रीमेंट बनवाने के लिए जरूरी बातें?

भारत में कई लोग सोचते हैं की घर बैठे-बैठे पैसा कैसे कमाया जाए. इसका एक अच्छा सा उदाहरण है आपके पास कोई प्रॉपर्टी है तो उसे किराए पर दे दें. इससे आपको हर महीने एक निश्चित आय होती रहेगी. किसी भी व्यक्ति को अपनी प्रॉपर्टी किराए पर देने से पहले एक दस्तावेज़ (Rent agreement format) तैयार करना होता है जिसे ‘किरायानामा’ यानि Rent Agreement कहते हैं.

रेंट एग्रीमेंट यानि किरयानामा क्या होता है? (What is notarised rent agreement?)

रेंट एग्रीमेंट एक ऐसा दस्तावेज़ होता है जिसके जरिये ये पता चलता है की आपने आपकी प्रॉपर्टी फलाने व्यक्ति को किराए पर दी है. उस Property का मासिक किराया कितना होगा, किराया कब देना है, मकान मालिक की क्या शर्तें हैं सारी जानकारी इसमें होती है.

रेंट एग्रीमेंट कैसे बनवाएँ? (How to make legal rent agreement?)

रेंट एग्रीमंट बनवाने के लिए आप अपने किराएदार और दो गवाहों के साथ वकील के पास जाए. वकील आपसे यहाँ कुछ जरूरी दस्तावेज़ की मांग करेगा और Rent Agreement के लिए कुछ फीस चार्ज करेगा. इसके बदले में वो आपका रेंट एग्रीमेंट बना देगा. इसके बाद आप इसे पक्का करने के लिए लिखित किरयानमा लेकर अपने क्षेत्र के रजिस्ट्रार ऑफिस जाकर इसे जमा करना होगा. वहाँ पर आपको गवाहों की आवश्यकता पड़ेगी.

रेंट एग्रीमेंट के लिए किस स्टांप पेपर का प्रयोग करें? (Which stamp paper is required for rent agreement?)

कई लोग रेंट एग्रीमेंट के लिए 50 रुपये के स्टांप पेपर का उपयोग करते हैं लेकिन 50 रुपये का स्टांप पेपर किराएनामे के लिए सही नहीं माना जाता. आपको इसके लिए 100 रुपये के स्टांप पेपर का प्रयोग करना चाहिए.

रेंट एग्रीमेंट में कौनसी बाते लिखी जाती है? (Rent agreement format and content)

– रेंट एग्रीमेंट किस दिन और किस तारीख को बनाया जा रहा है इसका जिक्र होना चाहिए.

– स्टांप पेपर पर मकान मालिक और किराएदार दोनों के नाम उनके पते और हस्ताक्षर होने चाहिए.

– प्रॉपर्टी कितने समय के लिए किराए पर दी जा रही है इसका जिक्र भी किराएनामे में होना चाहिए.

– मकान का किराया देने की अवधि तथा किराए की राशि का जिक्र किराएनामे में होना चाहिए.

– किराएनामे में किराएदार द्वारा दी जा रही सिक्योरिटी मनी का जिक्र भी होना चाहिए.

– रेंट एग्रीमेंट में मकान मालिक किराएदार को किस तरह की सुविधाए दे रहा है तथा किस तरह की चीजें मना करने के लिए कहना चाहता है उसका जिक्र होना चाहिए.

– मकान मालिक हर साल कितना किराया बढ़ाना चाहता है इसका जिक्र भी Rent Agreement में होना चाहिए.

तो इस तरह आप अपनी प्रॉपर्टी को रेंट या किराए पर देने के लिए रेंट एग्रीमेंट यानि किरायानामा बनवा सकते हैं. इसे आप किसी वकील के माध्यम से आसानी से बनवा सकते हैं बस आपको कुछ दस्तावेज़ की जरूरत होती है.

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