FD और RD कैसे खुलवाएं, आरडी और एफ़डी में क्या बेस्ट है?

Manoj Sakle

पैसे को कहीं invest करना हो तो बात सुरक्षा और भरोसे की आती है. इन दोनों के आधार पर ही आप कहीं पर पैसा निवेश करते हैं. वैसे अगर आप पैसा कुछ समय के लिए Investment करना चाहते हैं तो एफ़डी और आरडी में भी कर सकते हैं. इनमें आपको अपने जमा किए गए पैसे पर बेहतरीन रिटर्न भी मिलते हैं. आरडी और एफ़डी करवाने के लिए आपको पता होना चाहिए की एफ़डी और आरडी Account कैसे खुलवाया जाता है.

एफ़डी FD और RD Account कैसे खुलवाएं?

एफ़डी और आरडी अकाउंट खुलवाने के दो तरीके हैं. पहला तरीका तो ये हैं की आपका जिस Bank में Saving Account है वहीं पर जाकर आप इन दोनों में से एक के लिए या फिर दोनों के लिए फॉर्म भरकर आवेदन कर सकते हैं. जिसमें आपको मांगी गई सभी जानकारी जैसे अपनी Personal Details, जमा करने वाली रकम और कितने समय के लिए पैसा निवेश करना है. इन सारी चीजों को बताना होगा. बस इसके बाद आपका RD और FD Account चालू हो जाएगा.

ऑनलाइन एफ़डी कैसे करवाएं? How to get FD online?

ऑनलाइन एफ़डी करवाने के लिए आपके अकाउंट की Net Banking होना बेहद जरूरी है. उसी के आधार पर आप बिना बैंक जाए आसानी से घर बैठे अपना Fd Account खोल सकते हैं. ऑनलाइन एफ़डी अकाउंट ऑनलाइन खोलने के लिए आपको निम्न Process follow करना है.

– सबसे पहले आपका जिस भी Bank में Saving या Current Account है उस बैंक की Netbanking Website पर जाएं.

– इसके बाद आपको अपने ID और Password डालकर वहां अपना Account Login करना है.

– होमपेज पर आपको Deposit Scheme पर क्लिक करना है तथा उसके बाद Term Deposit पर क्लिक करना है.

– इसके बाद आपको e Fixed Deposit (eFD) पर क्लिक करना है और एफ़डी को चुनकर Proceed पर क्लिक करना है.

– इसके बाद आपसे आपके अकाउंट के बारे में पूछा जाएगा यदि आपके पास एक से ज्यादा अकाउंट है तो उनमें से किसी एक को चुनने के लिए कहा जाएगा.

– इसके बाद आपसे मूलधन (Principal Amount) के बारे में पूछा जाएगा. यानि आपको कितना पैसा एक साथ निवेश करना है. उसे आपको यहां बताना होगा.

– अगर आपकी उम्र 60 साल से एक दिन भी ज्यादा है तो आपको एफ़डी में सीनियर सिटिज़न के ऑप्शन पर क्लिक करना है.

– इसके बाद STDR Deposit या TDR Deposit में से एक को चुनें और अपने Maturity Period को सिलेक्ट करें. इसके साथ अपनी इन्टरनेट पे फ्रिक्वेंसी को भी चुनें.

– सभी दिशा-निर्देश तथा नियम पढ़ने के बाद उन पर टिक करें और Submit पर क्लिक करें.

अब आपका Fd Account खुल चुका है. वहां से आपको एक printout निकालने के लिए कहा जाएगा उसे निकालकर अपने पास रखें और उसकी एक कॉपी PDF के रूप में कहीं सेव कर लें.

ऑनलाइन आरडी कैसे करवाएं? How to get RD online?

Online RD Account खुलवाने के लिए भी आपके पास नेट बैंकिंग का होना जरूरी है. इसके बिना आपका आरडी अकाउंट नहीं खुलेगा. यदि आपके पास Net Banking है तो अपने बैंक की नेट बैंकिंग वेबसाइट पर जाएं और अपना अकाउंट लॉगिन करें.

– नेट बैंकिंग में अपना अकाउंट लॉगिन करने के बाद एफ़डी के अंदर जाएं और e-RD ऑप्शन पर क्लिक करें.

– इसके बाद अपना अकाउंट चुने यदि आपके एक से ज्यादा अकाउंट हैं तो.

– इसके बाद आपको ये बताना होगा की आप मासिक कितना जमा कर सकते हैं या फिर हर महीने आप कितनी रकम आरडी में जमा करना चाहते हैं.

– इसके बाद आपको ये तय करना है की आप कितने समय के लिए आरडी करवाना चाहते हैं.

– समय आरडी में आपकी ब्याज दर को तय करेगा.

– इसके बाद आपको ये बताना होगा की आपको मेच्योरिटी की रकम कैसे लेनी है.

– इसके बाद सभी नियम तथा शर्तों को पढ़कर आपको भरा गया फॉर्म submit करना होगा.

– इसके बाद आपको अपने नॉमिनी और Saving Account के बारे में जानकारी देनी होगी जिससे आपकी राशि हर महीने कटने वाली है.

– इसके बाद कन्फ़र्म पर क्लिक करने के बाद आरडी अकाउंट बन जाएगा और आपके पास एक रिफरेंस नंबर आएंगा और आरडी अकाउंट नंबर जनरेट होगा.

– अब आपपनी ई-आरडी की डिटेल्स को देखकर उसे Download कर सकते हैं और उसे Print लेकर अपने साथ भी रख सकते हैं.

FD और RD में क्या अंतर है? What is the difference between FD and RD?

एफ़डी और आरडी अकाउंट में निम्न अंतर होता है.

– एफ़डी को आप 7 दिन से लेकर 10 साल तक के लिए करवा सकते हैं. वहीं आरडी को आप 6 महीने से लेकर 10 साल तक के लिए करवा सकते हैं.

– एफ़डी में हर साल ब्याज मिलता है और Interest की चक्रवृद्धि गणना की जाती है. यानि आपने कुछ पैसे जमा किए आपको उस पर तो Interest मिलेगा ही साथ ही आपको मिलने वाले ब्याज पर भी ब्याज मिलता है. वहीं आरडी में ब्याज की गणना हर तीन महीने में एक बार की जाती है.

– एफ़डी में आपको सेक्शन 80 सी के तहत 1.5 लाख तक के सालाना Investment पर टैक्स छूट (Tax rebate) मिलती है. वहीं आरडी में आपको ऐसी कोई टैक्स छूट नहीं मिलती है.

– एफ़डी में आपको आपके द्वारा जमा किए गए मूल्य के 70% के बराबर लोन मिल जाता है. आरडी में आपने अबतक जितना धन जमा किया है उसके 90%  तक आपको Loan मिल जाता है॰

– यदि समय से पहले एफ़डी का पैसा निकाला जाता है तो दंड यानि जुर्माने के साथ आप पैसा निकाल सकते हैं. वहीं आरडी में कुछ बैंक इस पर जुर्माना लेती है तो कुछ नहीं.

– आरडी पर जो आपको Interest मिलता है आपको उस पर टैक्स देना होता है. अधिकांश बैंक उस पर TDS काट कर आपको देती हैं. वहीं FD पर भी आपको मिलने वाले ब्याज पर टैक्स देना होता है.

आरडी और एफ़डी में से क्या बेहतर है? Which is better than RD and FD?

आरडी और एफ़डी दोनों ही बेहतर है. इसमें निर्भर ये करता है की आप पैसे किस तरीके से जमा करना चाहते हैं. कमाई के मामले में देखा जाए तो एफ़डी सबसे बेस्ट है क्योंकि आपको आरडी पर उतना ब्याज नहीं मिल पाता जितना एफ़डी पर मिलता है. लेकिन आपके पास एक साथ जमा करने के लिए पैसा नहीं है और आप कुछ पैसा इकट्ठा करना चाहते हैं तो आपके लिए आरडी से बेस्ट कोई ऑप्शन नहीं है. इसमें आप हर महीने पैसा जमा करें और आपको उस पर ब्याज भी मिलता रहेगा. यानि आपका पैसा इकट्ठा भी होगा और आपको उस पर फायदा भी मिलेगा.

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