CDN क्या है, Content Delivery Network किसी वेबसाइट के लिए क्यों जरूरी है?

CDN Kya Hai Content Delivery Network किसी भी वेबसाइट या ब्लॉग को चलाने के लिए आपको कई तरह की टेक्निकल जानकारी होनी चाहिए तभी आप एक अच्छे Blogger बन सकते हैं. आज के समय में वेबसाइट पर सिर्फ कंटैंट पब्लिश करने से काम नहीं बनता है बल्कि इसके अलावा भी काफी कुछ करना होता है. अगर आपका खुद का ब्लॉग है तो आपको CDN (कंटैंट डिलिवरी नेटवर्क) के बारे में जरूर जानकारी होना चाहिए. आपकी वेबसाइट को रैंक करवाने में और आपको अच्छा ट्रैफिक देने में काफी मदद करता है.

CDN क्या है? What is a CDN?

सीडीएन का पूरा नाम Content Delivery Network है. इसका मुख्य काम आपकी वेबसाइट की स्पीड को बढ़ाना है. सीडीएन कई Servers का एक नेटवर्क होता है. सीडीएन के डाटा सर्वर अलग-अलग लोकेशन पर होते हैं जो यूजर को उसकी लोकेशन के हिसाब से कंटैंट प्रिजेंट करते हैं.

जैसे मान लीजिये आप इंडिया में एक ब्लॉगर हैं. आपने इंडिया का ही सर्वर अपनी वेबसाइट के लिए उपयोग किया है. ऐसे में यदि आपकी साइट पर दूसरे देश जैसे अमेरिका से बहुत सारे विजिटर आते हैं तो उन्हें वेबसाइट को एक्सेस करने में काफी समय लगता है क्योंकि उन्हें उस जगह से आपके सर्वर तक पहुँचने में काफी समय लग जाता है. ऐसे में उन लोगों के लिए आपकी Website Speed काफी स्लो हो जाती है.

इससे बचने के लिए आप सीडीएन का उपयोग कर सकते हैं जिसमें सीडीएन अलग-अलग लोकेशन पर आपकी साइट के डाटा को पहले से ही सेव करके रखता है. जैसे अमेरिका में किसी यूजर ने आपकी वेबसाइट को एक्सेस किया तो सीडीएन के माध्यम से उसके नजदीकी सर्वर पर आपका डाटा पहले से रहेगा और उसे आपके इंडिया वाले सर्वर पर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी. ऐसे में अमेरिका में बैठे यूजर का आपकी साइट तक पहुँचने का टाइम बच जाएगा और आपकी साइट की स्पीड बढ़ जाएगी. सीडीएन आपके सर्वर के लोड को कम करता है और साथ ही Bandwidth को भी बचाता है.

CDN Website के लिए क्यों जरूरी है?

अब आप सोच रहे होंगे कि हमारी साइट पर कौन से रोजाना दूसरे देशों से यूजर आ रहे हैं. आपका कहना सही है लेकिन भारत खुद एक बहुत बड़ा देश है. इसमें काफी सारे राज्य है और ऐसे में आपका सर्वर कहाँ है ये आपको खुद पता नहीं होता. अगर भारत की ही बात करें तो मान लीजिये कि आप एमपी में वेबसाइट पर कंटैंट पब्लिश कर रहे हैं और सर्वर बैंगलोर में है. अब बैंगलोर वाला कोई व्यक्ति तो आपकी साइट को बहुत जल्दी एक्सेस कर पाएगा लेकिन जम्मू या दिल्ली में बैठा व्यक्ति आपकी साइट को जल्दी से एक्सेस नहीं कर पाएगा. इसलिए सीडीएन हर Blogger के लिए काफी जरूरी होता है.

इसके अलावा यदि आप CDN (Content Delivery Network) का उपयोग नहीं करते हैं और अचानक से आपकी साइट पर बहुत सारा ट्रैफिक आ जाता है तो आपका सर्वर ओवर लोड हो सकता है जिसके कारण आपकी साइट स्लो हो सकती है या फिर सर्वर क्रैश भी हो सकता है.

सीडीएन मुख्य रूप से सर्वरों पर आपकी साइट का Cache version क्रिएट करता है और यूजर के पास में जो सर्वर पास में होता है उसके माध्यम से कंटैंट को दिखाता रहता है.

सीडीएन के क्या फायदे हैं? What are the Benefits of CDN?

सीडीएन का उपयोग करने से आपको और आपकी वेबसाइट को कई तरह के फायदे हो सकते हैं.

  • अगर आपकी साइट पर बहुत ज्यादा ट्रैफिक रहता है तो सबसे बड़ी समस्या यही रहती है की साइट लोड होने में टाइम लगाती है क्योंकि सर्वर पर जितनी लिमिट आपको मिली है उतने ही यूजर आ सकते हैं. ऐसे में सीडीएन का उपयोग करके आप अपनी Website Speed को बढ़ा सकते हैं और यूजर को होने वाली दिक्कत से छुटकारा पा सकते हैं.
  • CDN Loading Speed को बेहतर बनाने का काम करता है जिसकी वजह से गूगल पर आपकी रैंकिंग अच्छी हो सकती है क्योंकि साइट की स्पीड को Google Ranking Factor में उपयोग करता है.
  • Cdn Web Hosting Server के लोड को कम करता है और आपकी साइट को क्रैश होने से बचाता है. आपने भी कई बार देखा होगा कि अधिक यूजर आने से सर्वर क्रैश हो जाते हैं. इस समस्या से बचने के लिए सीडीएन में अलग-अलग सर्वर का उपयोग किया जाता है ताकि पूरा लोड एक ही सर्वर पर न पड़े.
  • अगर आप Bandwidth के लिए अलग से पैसा देते हैं तो आप सीडीएन का उपयोग करके अपने खर्चे को कम कर सकते हैं.

CDN के लिए कौन सा प्लेटफॉर्म उपयोग करें?

वेबसाइट पर सीडीएन का उपयोग करने के लिए मार्केट में कई सारी वेबसाइट हैं. जिनके बारे में आपको भी जानकारी होगी. लेकिन हम सभी एक अच्छी वेबसाइट पर भरोसा करना चाहते हैं जो हमारी वेबसाइट के लिए काफी अच्छे रिजल्ट दे. तो इसके लिए आप MaxCDN, KeyCDN, Cloudflare का उपयोग कर सकते हैं. ये CDN के लिए काफी पॉपुलर हैं और अधिकतर ब्लॉगर इनका उपयोग करते हैं. इसके अलावा कई Hosting company अपने प्लान के साथ in built CDN देती हैं. आप उस प्लान को भी ले सकते हैं. इनमें आपको CDN के साथ-साथ Lifetime SSL Certificate भी मिल सकता है.

Dedicated IP Address क्या होता है, यह क्यों उपयोग किया जाता है?

FTP क्या है, File Transfer Protocol कैसे Use करते हैं?

SSL Certificate क्या है, इसे Cpanel में कैसे install करें?

News Website कैसे बनाएं , Google News पर वेबसाइट कैसे अप्रूव कराएं?

अगर आप अपनी वेबसाइट को काफी Smooth Fast तरीके से अच्छी लोडिंग स्पीड के साथ चलना चाहते हैं तो आपको अपनी वेबसाइट में सीडीएन का उपयोग जरूर करना चाहिए. इससे आपके सर्वर पर लोड भी कम पड़ेगा और साइट क्रैश होने से बची रहेगी. लेकिन एक बात का ध्यान रखें कि यदि आपकी साइट पर ज्यादा ट्रैफिक नहीं है तो आप इसे नहीं खरीदने के बारे में सोच सकते हैं क्योंकि कम यूजर्स के साथ सर्वर क्रैश होने की संभावना नहीं रहती है.

Related Posts

push notification kya hota hai 6 Best Push Notification

Push Notification क्या होता है, जानिए 6 Best Push Notification के बारे में?

आपने स्मार्टफोन पर देखा होगा कि थोड़ी-थोड़ी देर में किसी न किसी वेबसाइट से आपके फोन पर नोटिफिकेशन आता रहता है. काफी लोग इससे परेशान हो जाते…

web publishing

Web Publishing क्या है, वेब पब्लिशिंग के फायदे?

Web Development की Field में कई तरह के Terms का उपयोग किया जाता है जिनमें से Web Publishing एक खास term है जिसका उपयोग आमतौर पर ब्लॉगर्स…

AJAX KYA HAI

AJAX Full Form: AJAX क्या है, जानिए AJAX का पूरा नाम?

AJAX एक ऐसी टर्म है जिसे Web Development में उपयोग किया जाता है. आजकल Dynamic Website बनाने में इसका काफी ज्यादा उपयोग किया जाता है. इस लेख…

website backup

WordPress Website Backup कैसे लें, जानिए आसान तरीका?

हर ब्लॉगर चाहता है कि उसकी वेबसाइट सबसे अच्छी दिखे, उस पर अच्छा कंटेन्ट जाए और उस पर ढेर सारा ट्रैफिक आए. लेकिन इन सब में हम…

OSI Model

OSI Model क्या होता है, जानिए कैसे काम करती हैं OSI Model की सात लेयर्स?

नेटवर्किंग की दुनिया में कई ऐसे शब्द होते हैं जो हमारी समझ से बाहर होते हैं, न ही हम सीधे तौर पर इनका उपयोग करते हैं फिर…

web security kya hai

Web Security Kya hai, वेब हमले से कैसे बचे? 

इंटरनेट के जरिए हमारे स्मार्टफोन, कंप्यूटर, लैपटॉप, बैंक खाते आदि पर हमला किया जा सकता है. अगर आपकी खुद की कोई वेबसाइट है तो उस पर भी…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *